घरघोड़ा अस्पताल में जल्द शुरू होंगे निजी वार्ड और ब्लड बैंक, निरीक्षण में कलेक्टर ने दिए सुधार के सख्त निर्देश
रायगढ़। जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष निरीक्षण अभियान के तहत घरघोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित विभिन्न शासकीय संस्थानों का औचक निरीक्षण किया गया। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में राजस्व अधिकारियों एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) की टीमों ने अस्पतालों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और आदिवासी छात्रावासों की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम घरघोड़ा प्रवीण तिवारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा का निरीक्षण किया। अस्पताल की ओपीडी में 144 मरीज उपचार कराते मिले। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, पैथोलॉजी लैब तथा दवाइयों की उपलब्धता संतोषजनक पाई गई। हालांकि स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए एसडीएम ने अस्पताल में निजी वार्ड विकसित करने, लंबे समय से बंद पड़े जनरेटर को शीघ्र चालू कराने, ब्लड बैंक का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने तथा मरीजों के परिजनों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
इसी अभियान के तहत एसडीएम रायगढ़ महेश शर्मा ने शासकीय प्राथमिक विद्यालय कोहाकुंडा का निरीक्षण कर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन, पेयजल, शौचालय और शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने विद्यालय में अध्ययन का बेहतर वातावरण बनाने और आवश्यक व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए।
वहीं, पुसौर तहसील के आदिवासी छात्रावास का भी निरीक्षण किया गया, जहां सभी कर्मचारी उपस्थित मिले और 41 छात्र मौजूद थे। छात्रावास के कमरों, रसोईघर एवं शौचालय की साफ-सफाई संतोषजनक पाई गई।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि जिले में यह निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों को दूर करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाई जाती है, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य आम जनता को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा शासकीय संस्थानों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है।

