छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 7 बड़े फैसले: AI मिशन, भारी मशीन प्लांट, ऑनलाइन PWD और ग्रामीण विकास को मिली नई रफ्तार
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, सुशासन, डिजिटल तकनीक, उद्योग, ग्रामीण अधोसंरचना और बिजली क्षेत्र से जुड़े सात महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य निवेश बढ़ाना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना, सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाना और विकास कार्यों को गति देना है।
कैबिनेट ने 500 करोड़ रुपये के छत्तीसगढ़ AI मिशन को मंजूरी दी है। अगले पांच वर्षों में संचालित होने वाले इस मिशन के तहत राज्य में 100 AI डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे तथा 300 से अधिक AI स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही लाखों विद्यार्थियों और सरकारी कर्मचारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए BEML को रियायती दर पर भूमि आवंटित कर राज्य में पहली बार भारी मशीन (हेवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट) निर्माण संयंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और MSME उद्योगों को भी नए अवसर प्राप्त होंगे।
लोक निर्माण विभाग (PWD) में वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) लागू करने की स्वीकृति दी गई है। इससे निर्माण कार्यों की स्वीकृति, ई-टेंडर, ई-मेजरमेंट बुक, भुगतान और गुणवत्ता की निगरानी पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी, जिससे पारदर्शिता और कार्यों में तेजी आएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और नाली निर्माण को सरल बनाने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के नियमों में संशोधन किया गया है। अब गांवों की आंतरिक गलियों में भी सीसी सड़क और नाली का निर्माण आसान होगा तथा अन्य उपलब्ध फंडों से भी इन कार्यों के लिए वित्तीय सहायता ली जा सकेगी।
सरकारी योजनाओं के धन के बेहतर प्रबंधन के लिए स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी (S-SNA) मॉडल लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत योजनाओं की राशि एक केंद्रीकृत खाते में रहेगी और जरूरत के अनुसार सीधे हितग्राहियों एवं संबंधित एजेंसियों के खातों में भुगतान होगा। इससे वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लगेगी और योजनाओं की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी।
इसके अलावा, एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से 15 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी दी गई है, जिसका उपयोग ‘छत्तीसगढ़ विजन 2047’ के तहत तकनीकी सहायता, वित्तीय प्रबंधन, पीपीपी परियोजनाओं और जलवायु अनुकूल विकास योजनाओं के लिए किया जाएगा।
वहीं, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने की अनुमति दी गई है। राज्य सरकार इसकी गारंटी देगी, जिससे बिजली परियोजनाओं के लिए कम लागत पर वित्तीय संसाधन जुटाने और विद्युत अधोसंरचना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
सरकार का कहना है कि इन सात फैसलों से राज्य में निवेश, रोजगार, डिजिटल प्रशासन और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी।

