27 दिन बाद खत्म हुआ सोनम वांगचुक का अनशन, सरकार के लिखित आश्वासन पर लिया फैसला
नई दिल्ली। लद्दाख और नीट पेपर लीक समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 27 दिनों से जारी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। गुरुवार देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।
अनशन समाप्त होने के बाद वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि कई राजनीतिक दलों के सांसदों की अपील, लंबी बातचीत और सरकार की ओर से कुछ महत्वपूर्ण मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। उन्होंने यह भी कहा कि देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए अनशन समाप्त करना उचित समझा।
वांगचुक के सहयोगियों के अनुसार सरकार ने दो प्रमुख बिंदुओं पर लिखित आश्वासन दिया है। पहला, यदि आंदोलन में शामिल छात्र हिंसा में शामिल नहीं पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दूसरा, आंदोलन के दौरान आत्महत्या करने वालों के परिवारों को मुआवजा देने के मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
हालांकि, आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। कोंकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने देशभर में आंदोलन तेज करने का भी ऐलान किया है।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक ने 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल और बाद में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 27 दिन बाद उनका अनशन समाप्त हुआ।

