जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही! मरीज को सलाइन की जगह चढ़ाई गई मिनरल वाटर की ड्रिप, जांच शुरू
डिंडोरी। मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिला अस्पताल से चिकित्सा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मरीज को उपचार के दौरान सलाइन की बजाय मिनरल वाटर की बोतल से ड्रिप चढ़ाने का गंभीर आरोप लगा है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करते हुए संबंधित डॉक्टर और ड्यूटी नर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जानकारी के अनुसार, 18 वर्षीय सत्यम यादव ने कथित रूप से चूहे मारने की दवा का सेवन कर लिया था। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने मरीज को मिनरल वाटर की बोतल से ड्रिप लगाने का निर्देश दिया। ड्यूटी नर्स ने इसका विरोध किया, लेकिन डॉक्टर ने स्वयं मिनरल वाटर की बोतल लगाकर ड्रिप शुरू कर दी। वार्ड में मौजूद लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम ने अस्पताल पहुंचकर जांच की और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मरीज के बयान दर्ज होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बताया गया कि मरीज इलाज के दौरान ही बिना किसी को बताए अस्पताल से चला गया, जिसके कारण उसका बयान तत्काल दर्ज नहीं हो सका। पुलिस अब मरीज से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी मरीज को नसों के माध्यम से मिनरल वाटर या सामान्य पानी चढ़ाना अत्यंत खतरनाक हो सकता है। इससे गंभीर संक्रमण, रक्त कोशिकाओं को नुकसान और फेफड़ों तक जटिलताएं पहुंचने का खतरा रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि विषाक्त पदार्थ के सेवन के मामलों में चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार ही उपचार किया जाना चाहिए।
यह घटना सरकारी अस्पतालों में उपचार की गुणवत्ता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है कि दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

