ICICI Bank बिलासपुर में 1.38 करोड़ का महाघोटाला: फर्जी हस्ताक्षर, FD से निकासी और गोल्ड लोन में असली सोना गायब
📍 बिलासपुर (छत्तीसगढ़)।
शहर के मंगला स्थित ICICI Bank की शाखा में करीब 1 करोड़ 38 लाख रुपये के बड़े बैंक घोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि बैंक ग्राहकों के फर्जी हस्ताक्षर कर 87.95 लाख रुपये के 14 अवैध ट्रांजेक्शन किए गए। वहीं एक महिला ग्राहक की 30 लाख की FD में से बिना अनुमति 28.29 लाख रुपये निकाल लिए गए।
📊 रिकॉर्ड से गायब हुए निवेश के दस्तावेज
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई ग्राहकों के फिक्स्ड डिपॉजिट और निवेश के वाउचर बैंक रिकॉर्ड से गायब हैं। पूरे मामले में अगस्त 2024 से सितंबर 2025 के बीच सुनियोजित तरीके से यह हेराफेरी की गई।
🔍 ऑडिट में खुली पोल
मंगला शाखा के वर्तमान ब्रांच मैनेजर अरूप पाल ने बैंक ऑडिट के दौरान गड़बड़ी पकड़कर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 17 सितंबर 2025 को दैनिक बैंकिंग कार्यों की समीक्षा के दौरान रिपोर्ट का अंतिम पन्ना गायब मिला, जिसे डिप्टी ब्रांच मैनेजर तनीषा अग्रवाल द्वारा जानबूझकर हटाने की आशंका जताई गई है।
💰 गोल्ड लोन में बड़ा खेल: असली सोना गायब
ऑडिट के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ—गोल्ड लोन के 4 पैकेट में असली जेवरों की जगह नकली ज्वेलरी मिली। इससे स्पष्ट हुआ कि ग्राहकों का असली सोना गायब कर दिया गया था।
👥 आरोपी फरार, कई और लोगों की संलिप्तता की आशंका
आरोप है कि डिप्टी ब्रांच मैनेजर ने अपने पति के साथ मिलकर इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया और FD राशि व गोल्ड लोन का सोना लेकर फरार हो गई। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच जारी है।
⚖️ पुलिस जांच और कार्रवाई
शिकायत के आधार पर पुलिस ने गबन और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं बैंक प्रबंधन ने आरोपी डिप्टी ब्रांच मैनेजर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है।
👉 यह मामला न केवल बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ग्राहकों के भरोसे को भी गहरी चोट पहुंचाता है।

