July 26, 2026

*स्व. श्री हरिवंश मिश्र “राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान” समारोह–2026 गरिमामय वातावरण में संपन्न, देशभर के 250 उत्कृष्ट शिक्षक हुए सम्मानित*

IMG-20260726-WA0131.jpg



रायगढ़, 15 जुलाई –  JN शांति नगर, रायपुर में अत्यंत गरिमामय एवं प्रेरणादायी वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित 250 उत्कृष्ट शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान, नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्र निर्माण में उत्कृष्ट भूमिका के लिए राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से अलंकृत किया गया।
*समर्पित शिक्षकों का सम्मान पूरे समाज का गौरव*
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि *डॉ. हिमांशु द्विवेदी*, प्रधान संपादक, हरिभूमि समूह ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि भारत का स्वर्णिम इतिहास इस बात का साक्षी है कि हमारे यहां गुरु का स्थान सर्वोच्च रहा है। प्राचीन काल में राजा भी अपने गुरुओं के सम्मान के लिए हर प्रकार का त्याग करने को तत्पर रहते थे, क्योंकि शिक्षक ही राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज समय के साथ परिस्थितियां बदली हैं और कई स्थानों पर शिक्षकों की भूमिका को केवल एक कर्मचारी तक सीमित करने का प्रयास दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि समाज को इस विषय पर गंभीर आत्ममंथन करना होगा कि जो शिक्षक आने वाली पीढ़ियों का निर्माण करता है, उसे उसके कार्य के अनुरूप सम्मान और प्रतिष्ठा मिले। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि यह अत्यंत प्रेरणादायक और विचारणीय है कि शिक्षकों के सम्मान के लिए स्वयं शिक्षकों की संस्था आगे आकर राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा आयोजन कर रही है। यह केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि शिक्षा और शिक्षक के गौरव को पुनः स्थापित करने का राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि “शिक्षक केवल विद्यार्थियों का भविष्य ही नहीं गढ़ता, बल्कि राष्ट्र के चरित्र, संस्कृति और सभ्यता का निर्माण करता है। ऐसे समर्पित शिक्षकों का सम्मान पूरे समाज का सम्मान है। शिक्षा में नवाचार और मूल्यों का समन्वय ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का आधार बनेगा।”

*देशभर के 250 उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान*
समारोह की अध्यक्षता करते हुए डॉ. पूर्णानंद मिश्रा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय शिक्षा अंजोर भारत ने कहा कि स्व. श्री हरिवंश मिश्र के आदर्श, अनुशासन, शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज सेवा की भावना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से इस राष्ट्रीय सम्मान की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करती रहेगी।विशिष्ट अतिथि एवं *राष्ट्रपति पुरस्कार* प्राप्त शिक्षिका *डॉ. प्रज्ञा सिंह* ने कहा कि शिक्षक का कार्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण करना है। राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाला यह सम्मान प्रत्येक शिक्षक को और अधिक उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा देता है।
*देश भर के विभिन्न राज्यों से आए हुए 250 शिक्षकों के बीच रायगढ़ जिले के शिक्षक टिकेश्वर पटेल का नाम इसलिए अंकित हुआ*
*विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा हेतु सशक्त संचारक बनाकर जटिल विषयों पर सहज बनाया*
छत्तीसगढ़ में नवोदय गुरु के नाम से प्रसिद्ध टिकेश्वर पटेल 16 जून 2005 से सेवा यात्रा की शुरू की थी। दो दशक से अधिक लंबे सफर में उन्होंने बच्चों के  शिक्षा के मुख्य धारा से जोड़कर उनके सर्वांगीण विकास पर ध्यान दिया। खेल, संस्कारिक शिक्षा, नैतिक शिक्षा, सांस्कृतिक गतिविधियां आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को कक्षा में लागू पर शिक्षक को रोचक बनाया और विभिन्न “मैथ्स ट्रिक्स” अपना कर विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा के लिए वनांचल में एक ऐसा अभ्यास शुरू किया। जिससे प्रतिवर्ष 10 से 15 बच्चे नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, एकलव्य स्कूल में चयन होकर  छत्तीसगढ़  में रायगढ़ जिले उपलब्धियां पर खड़ा  किया।सबसे बड़ी गौरव की बात यह है की इस सरकारी स्कूल में जिले के बच्चे अलावा अन्य ब्लॉक एवं जिले के बच्चे भी यहां पढ़ने आ रहे।  साथ ही शाला समय के अतिरिक्त निशुल्क कोचिंग क्लास लगाकर बच्चों को मुफ्त में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं जिससे अभी तक सैकड़ो बच्चों ने राज्य के चुनिंदा स्कूलों में चयन होकर अपने गांव का नाम रोशन किया है।
*एक ही सरकारी स्कूल से तीन छात्रों का नवोदय एवं सैनिक स्कूल में चयन*
“विद्यालय का वातावरण तभी वास्तविक अर्थों में शिक्षा का प्रांगण बन सकता है, जब उसकी वायु में सृजनशीलता, अनुशासन और सौहार्द का समन्वय व्याप्त हो। यदि विद्यालय के कक्ष और आँगन ज्ञान, नैतिकता और संस्कारों के अमृत से सिंचित हों, तभी प्रत्येक बालक का चित्त अध्ययन की ओर आकृष्ट होता है। अतः आवश्यक है कि हम ऐसा शैक्षणिक परिवेश निर्मित करें, जहाँ विद्यालय केवल पठन-पाठन का स्थल न होकर जिज्ञासा, आत्मविकास और राष्ट्रनिर्माण की प्रयोगशाला सिद्ध हो। तभी प्रत्येक बालक हर्षपूर्वक कह सकेगा – ‘मेरा विद्यालय ही मेरा सच्चा आलोक है।
इस प्रकार गांव का सरकारी स्कूल नवापारा टेंडा से जिगर राठिया, टंकित पटेल एवं टिकेश्वर पटेल का नवोदय विद्यालय एवं सैनिक स्कूल में चयन होकर क्षेत्र के लिए एक मिशाल पेश की है।
नवोदय में एवं सैनिक स्कूल में चयनित छात्रों की सूची 2025-26
1.-श्रेया भार्जो/विनोद भार्जो/कविता भार्जो (3279132)
2.-निशा गुप्ता /अशोक गुप्ता/सरस्वती गुप्ता (3279476)
3.-दुर्गेश्वरी राठिया/प्रेम सिंह राठिया/प्यारी राठिया (3277612)
4.-हेमिका राठिया/पालू राम राठिया/ललिता राठिया(3279068)
5. टिकेश्वर पटेल/ मुकेश पटेल/ मीना पटेल(3279613)
6. अदिति बेहरा/ राजेश बेहरा/ सावित्री बेहरा (3281326)
7. जिगर राठिया/सूरज राठिया/हेमलता राठिया(3279534)
8. आयुष सिदार /राजकुमार सिदार /रामशिला (3412479)
9. भारती राठिया/यशवंत राठिया/गीता राठिया(3279634)
10. नूतन राठिया/शिरोमणी राठिया/उमादेवी राठिया (3279252)
11. टंकित पटेल/योगेश पटेल/भारती पटेल (सैनिक स्कूल)
इस प्रकार इस वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इनके पढ़ाए 26 छात्र/छात्राएं ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में चयन होकर रायगढ़ नहीं पूरे छत्तीसगढ़ में एक नया इतिहास रचा है।
समारोह में स्वर्गीय श्री हरिवंश मिश्र, भूतपूर्व प्रधानपाठक के शिक्षा, अनुशासन एवं समाज सेवा के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित अतिथियों ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण करते हुए कहा कि उनके आदर्श सदैव शिक्षकों और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
कार्यक्रम में देशभर से आए शिक्षकों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामय उपस्थिति रही। सम्मानित शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा अंजोर भारत के इस अभिनव प्रयास की सराहना की तथा इसे शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।
संस्था के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जितेन्द्र मिश्रा ने सभी अतिथियों, सम्मानित शिक्षकों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “जब एक शिक्षक सम्मानित होता है, तब केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था, उसके विद्यार्थी और राष्ट्र का भविष्य सम्मानित होता है।”
*इन लोगों का रहा विशेष योगदान*
इस सफल आयोजन को संपन्न कराने में दिजेंद्र कुर्रे, प्रेमचंद साव, डॉ. प्रज्ञा सिंह, रिंकल बग्गा, तरुण कुमार दास, पीतांबर मानिकपुरी, अजय कुमार जायसवाल, जितेन्द्र मिश्रा, रूद्र नारायण तिवारी, वीरेंद्र कुमार कर, रीता पति, शैलेन्द्र नायक, मनोज मुच्छावड़, योगेश सिंह ठाकुर, गायत्री मिश्रा, एम.एन. वर्मा, आनंद शर्मा सहित राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों काय योगदान रहा।

WhatsApp Image 2024-11-28 at 11.00.00_52e96eec
+ posts
BREAKING