July 24, 2026

आंगनबाड़ी से विद्यालय तक की सफल यात्रा, 8,486 बच्चों का हुआ शाला प्रवेश,विद्यारंभ प्रमाण-पत्र के साथ हुई औपचारिक शिक्षा की शुरुआत

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रायगढ़, 24 जुलाई 2026/ जिले में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ आधार प्रदान करने की दिशा में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार छह वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों का विभिन्न विद्यालयों में शाला प्रवेश कराया गया। इस अभियान के तहत 8,486 बच्चों ने विद्यालयी शिक्षा की नई शुरुआत की। शाला प्रवेश से पूर्व सभी बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों से विद्यारंभ प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। आंगनबाड़ी केन्द्रों में समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के अंतर्गत बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं के साथ प्रारंभिक एवं अनौपचारिक शिक्षा भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वे विद्यालयी शिक्षा के लिए पूरी तरह तैयार होकर प्रवेश लें।

*शिक्षा की मजबूत नींव तैयार कर रहे आंगनबाड़ी केन्द्र*

आंगनबाड़ी केन्द्र बच्चों के सर्वांगीण विकास की पहली पाठशाला के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यहां बच्चों में सीखने की रुचि, सामाजिक व्यवहार और विद्यालयीन वातावरण के अनुरूप आवश्यक कौशल विकसित किए जाते हैं। यही कारण है कि विद्यालय में प्रवेश के समय बच्चे आत्मविश्वास के साथ अपनी नई शैक्षणिक यात्रा शुरू कर रहे हैं।
          जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि जिले में विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले 8,486 बच्चों में से 6,385 बच्चों ने शासकीय तथा 2,101 बच्चों ने निजी विद्यालयों में प्रवेश लिया। परियोजनावार देखें तो मुकडेगा में 296, धरमजयगढ़ में 1,402, खरसिया में 1,125, रायगढ़ शहरी में 446, रायगढ़ ग्रामीण में 993, तमनार में 677, लैलूंगा में 690, पुसौर में 917, घरघोड़ा में 952 तथा कापू में 988 बच्चों का शाला प्रवेश कराया गया। बच्चों के विद्यालय में प्रवेश होने पर पालकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में मिली प्रारंभिक शिक्षा से बच्चों को विद्यालय के वातावरण में सहजता से ढलने में मदद मिलेगी। उन्होंने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत शुरुआत बताया।

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