ITR दाखिल करने में देर न करें: समय पर रिटर्न भरने से मिलते हैं ये 5 बड़े फायदे
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि नजदीक है। ऐसे में आयकर विभाग ने सभी पात्र करदाताओं से समय रहते अपना रिटर्न दाखिल करने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई लोग यह सोचकर ITR दाखिल नहीं करते कि उनकी आय टैक्स के दायरे में नहीं आती, जबकि समय पर रिटर्न भरने के कई महत्वपूर्ण लाभ होते हैं।
ITR दाखिल करने से सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि देर से रिटर्न भरने पर लगने वाली लेट फीस और अन्य जुर्माने से बचा जा सकता है। साथ ही आयकर विभाग की ओर से नोटिस मिलने की संभावना भी कम हो जाती है। यदि किसी करदाता पर टैक्स देनदारी बनती है और समय पर भुगतान नहीं किया जाता, तो उस पर ब्याज भी देना पड़ सकता है, जिससे समय पर रिटर्न दाखिल कर बचा जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को निवेश या कारोबार में नुकसान हुआ है तो वह समय पर ITR दाखिल कर उस नुकसान को आगामी वर्षों में समायोजित (कैरी फॉरवर्ड) कर सकता है, जिससे भविष्य में टैक्स का बोझ कम हो सकता है।
इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति के वेतन या अन्य आय से TDS कट चुका है और उसकी आय कर योग्य सीमा से कम है, तो रिफंड प्राप्त करने के लिए ITR दाखिल करना अनिवार्य है। बिना ITR दाखिल किए टैक्स रिफंड नहीं मिल सकता।
ITR का एक और महत्वपूर्ण लाभ यह है कि बैंक, वित्तीय संस्थान और कई सरकारी प्रक्रियाओं में इसे आय के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है। होम लोन, वाहन लोन, एजुकेशन लोन या वीजा आवेदन के दौरान ITR एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है।
कर विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि अंतिम समय की भीड़ और तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए सभी पात्र करदाता निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आयकर रिटर्न अवश्य दाखिल करें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय या कानूनी परेशानी से बचा जा सके।

