नाबालिग बेटी से दूर रहने की हिदायत बनी जानलेवा, 8 दिन बाद घायल किसान की मौत; छह आरोपी पहले ही गिरफ्तार
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नाबालिग बेटी से दूर रहने की हिदायत देना एक पिता को भारी पड़ गया। रंजिश में छह युवकों ने किसान पर घर में घुसकर लाठी-डंडों और लकड़ी के राफ्टर से जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल किसान ने आठ दिन तक कोमा में रहने के बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान गोकरण साहू (35) के रूप में हुई है, जो खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी भानुप्रताप जैन (18) ने अपने पांच साथियों के साथ 30 जून की देर रात गोकरण साहू के घर पर धावा बोला। हमलावरों ने लाठी-डंडों और लकड़ी के राफ्टर से सिर, पीठ और कमर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल गोकरण साहू को पहले राजनांदगांव और बाद में भिलाई के हाईटेक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह करीब आठ दिनों तक कोमा में रहा। बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शाम को गांव के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
पुलिस जांच में सामने आया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले मुख्य आरोपी की गोकरण साहू की नाबालिग बेटी से जान-पहचान को लेकर विवाद हुआ था। गोकरण ने आरोपी और उसके परिजनों को बुलाकर फटकार लगाई थी तथा बेटी से दूर रहने की चेतावनी दी थी। इसी बात की रंजिश में आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हमला करने की साजिश रची।
घटना के बाद देवरी पुलिस ने फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड, साइबर सेल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से महज 24 घंटे के भीतर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लाठी-डंडे, लकड़ी का राफ्टर, दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी भी जब्त की गई। घायल की मौत के बाद मामले में हत्या की धारा जोड़ते हुए आगे की विवेचना की जा रही है।

