दिल्ली होटल अग्निकांड: नियमों की अनदेखी बनी 21 जिंदगियों की मौत का कारण, होटल मालिक गिरफ्तार
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में बुधवार सुबह लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली, जबकि कई अन्य घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल में गंभीर सुरक्षा खामियां थीं, जिनके कारण यह हादसा इतना भयावह रूप ले सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब 8:30 बजे आग लगी और कुछ ही मिनटों में धुआं पूरी इमारत में फैल गया। ऊपरी मंजिलों पर ठहरे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। दमकल कर्मियों, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से 58 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे में 35 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 10 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
मृतकों में 11 विदेशी और 10 भारतीय नागरिक बताए गए हैं। विदेशी नागरिकों में अफ्रीकी देशों और तुर्कमेनिस्तान के नागरिक शामिल हैं। शवों की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण कराया जाएगा। पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
हादसे की बड़ी वजहें
जांच में सामने आया है कि होटल को केवल 6 कमरों की अनुमति मिली थी, लेकिन अवैध रूप से 25 से अधिक कमरे बना दिए गए थे। होटल के पास वैध फायर एनओसी नहीं थी और पूरी इमारत में आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था।
इसके अलावा भवन में वेंटिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, खिड़कियां बंद थीं और बाहरी फायर एस्केप भी मौजूद नहीं था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सेंसर आधारित मुख्य गेट आग लगने के दौरान बंद हो गया, जिससे लोग बाहर नहीं निकल सके। वहीं स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम जैसे सुरक्षा उपकरण भी काम नहीं कर रहे थे। ग्राउंड फ्लोर पर रखे एलपीजी सिलेंडरों ने भी खतरे को बढ़ा दिया।
प्रशासन ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। यह हादसा एक बार फिर भवन सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक निगरानी की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

