July 15, 2026

जगन्नाथ रथयात्रा को लेकर पुरी तैयार, 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की उम्मीद; होटल-लॉज के किराए में 10 गुना उछाल

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पुरी (ओडिशा)। भगवान श्रीजगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा को लेकर धर्मनगरी पुरी पूरी तरह तैयार है। 16 जुलाई, गुरुवार से शुरू होने वाला यह भव्य धार्मिक आयोजन 24 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान देश-विदेश से 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना है। प्रशासन, मंदिर प्रबंधन और विभिन्न विभागों ने रथयात्रा को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

रथयात्रा के लिए भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के तीनों विशाल रथों का निर्माण अंतिम चरण में है। अब केवल अंतिम फिनिशिंग का कार्य शेष है। हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु भगवान के दर्शन और रथ खींचने का सौभाग्य प्राप्त करने के लिए पुरी पहुंचेंगे।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए शहर के अधिकांश होटल और लॉज कई महीने पहले ही पूरी तरह बुक हो चुके हैं। जिला प्रशासन के अनुसार इस वर्ष फरवरी से ही बुकिंग शुरू हो गई थी। विशेष रूप से मंदिर और रथयात्रा मार्ग के आसपास स्थित होटल-लॉज की सबसे अधिक मांग रही। जिन होटलों की बालकनी या खिड़कियां सीधे रथयात्रा मार्ग की ओर खुलती हैं, उनके कमरे सबसे पहले बुक हुए।

रथयात्रा के कारण होटल और लॉज के किरायों में भी भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सामान्य दिनों में 1,500 से 2,000 रुपये प्रतिदिन किराए वाले कमरे रथयात्रा के दौरान तीन दिनों के लिए 50 हजार रुपये तक में बुक किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह किराया पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक है। पुरी शहर में लगभग 1,200 होटल और लॉज हैं, जिनमें अधिकांश की बुकिंग पहले ही पूरी हो चुकी है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, स्वच्छता और आपातकालीन सुविधाओं के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। पुलिस बल, स्वयंसेवकों और विभिन्न विभागों की टीमें पूरे आयोजन के दौरान तैनात रहेंगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है। इस महापर्व के दौरान पुरी भक्तिमय वातावरण में डूब जाता है और लाखों श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस करते हैं।

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अदाणी पावर फेज-III परियोजना की जनसुनवाई संपन्न, हजारों ग्रामीणों ने विकास, रोजगार और पर्यावरण पर रखे अपने सुझाव

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा अदाणी पावर लिमिटेड की प्रस्तावित फेज-III (2×800 मेगावाट अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना) के लिए पर्यावरणीय जनसुनवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जनसुनवाई में परियोजना से प्रभावित 29 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीणों ने भाग लेकर विकास, रोजगार, पुनर्वास तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी और अधिकारियों से विभिन्न प्रश्न पूछे।

भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना के तहत आयोजित इस जनसुनवाई की अध्यक्षता अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने की। इस दौरान छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी मानवेन्द्र शेखर पाण्डेय की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। अदाणी पावर लिमिटेड के अधिकारियों ने परियोजना के फेज-III विस्तार की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों के सामने प्रस्तुत की।

जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा पूछे गए सभी सवालों और सुझावों का विस्तार से जवाब दिया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि परियोजना के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे, वहीं क्षेत्र में व्यापार, परिवहन और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि परियोजना में आधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे ऊर्जा उत्पादन अधिक दक्षता के साथ होगा तथा पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम रखने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही वायु गुणवत्ता प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के सभी निर्धारित मानकों का पालन करने का आश्वासन दिया गया।

अदाणी पावर लिमिटेड ने स्पष्ट किया कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के पर्यावरणीय मानकों तथा वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप किए जाएंगे। पूरी जनसुनवाई प्रशासन और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की निगरानी में संपन्न हुई।

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भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना के तहत आयोजित इस जनसुनवाई की अध्यक्षता अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने की। इस दौरान छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी मानवेन्द्र शेखर पाण्डेय की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। अदाणी पावर लिमिटेड के अधिकारियों ने परियोजना के फेज-III विस्तार की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों के सामने प्रस्तुत की।

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कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि परियोजना में आधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे ऊर्जा उत्पादन अधिक दक्षता के साथ होगा तथा पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम रखने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही वायु गुणवत्ता प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के सभी निर्धारित मानकों का पालन करने का आश्वासन दिया गया।

अदाणी पावर लिमिटेड ने स्पष्ट किया कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के पर्यावरणीय मानकों तथा वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप किए जाएंगे। पूरी जनसुनवाई प्रशासन और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की निगरानी में संपन्न हुई।

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