महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल: घरघोड़ा में शांति पटेल के नाम हुई पहली रजिस्ट्री, 50% शुल्क छूट का मिला लाभ
रायगढ़।
जिले के घरघोड़ा उप-पंजीयक (सब रजिस्ट्रार) कार्यालय में गुरुवार का दिन एक नई सामाजिक पहल का गवाह बना। राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देने की योजना का पहला प्रभावी उदाहरण तब सामने आया, जब लैलूंगा ब्लॉक निवासी शांति पटेल के नाम पहली रजिस्ट्री संपन्न हुई।
यह केवल जमीन का दस्तावेजी हस्तांतरण नहीं था, बल्कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है। कार्यालय परिसर में इस नई व्यवस्था को लेकर उत्साह और जिज्ञासा का माहौल देखने को मिला। आम दिनों की तुलना में अधिक हलचल रही और कर्मचारी भी पूरी प्रक्रिया को लेकर विशेष सतर्कता के साथ कार्य करते नजर आए।
योजना की पहली लाभार्थी बनीं शांति पटेल ने बताया कि पहले रजिस्ट्री का खर्च उनके लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन सरकार द्वारा दी गई आधी शुल्क छूट ने संपत्ति अपने नाम कराने का रास्ता आसान बना दिया। उनके चेहरे पर संतोष और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि संपत्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ने से न केवल उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत होती है, बल्कि परिवार और समाज में निर्णय लेने की भूमिका भी सशक्त होती है। लंबे समय से संपत्ति स्वामित्व में महिलाओं की कम भागीदारी को देखते हुए इस पहल को सामाजिक बदलाव की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
घरघोड़ा सब रजिस्ट्रार कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, योजना लागू होने के बाद महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने को लेकर पूछताछ बढ़ी है। आने वाले समय में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचे और यह केवल औपचारिक प्रक्रिया बनकर सीमित न रह जाए। फिलहाल, शांति पटेल की यह पहली रजिस्ट्री इस बात का संकेत जरूर दे रही है कि यदि योजनाओं को सही मंशा और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए, तो बदलाव की शुरुआत जमीनी स्तर से ही होती है।


