“सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस: इंसाफ का कड़ा संदेश, 9 पुलिसकर्मियों को फांसी”
📍 तमिलनाडु
भारतीय न्याय व्यवस्था ने पुलिस अत्याचार के खिलाफ एक ऐतिहासिक और सख्त संदेश देते हुए सथानकुलम कस्टोडियल डेथ मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। मदुरै की विशेष अदालत ने जून 2020 में हिरासत में हुई पी. जयराज और उनके बेटे जे. बेनिक्स की मौत के मामले में 9 दोषी पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
🔴 घटना जिसने देश को झकझोरा
कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान थूथुकुडी जिले के सथानकुलम में एक मामूली आरोप—दुकान देर तक खुली रखने—पर पुलिस ने पिता-पुत्र को हिरासत में लिया था। आरोप है कि थाने के भीतर उनके साथ अमानवीय अत्याचार किया गया। गंभीर चोटों और आंतरिक रक्तस्राव के चलते 22 और 23 जून 2020 को दोनों की अस्पताल में मौत हो गई। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश की लहर पैदा कर दी थी।
⚖️ अदालत की सख्त टिप्पणी
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जी. मुथुकुमारन ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला बताते हुए कहा—
“जिन्हें जनता की रक्षा करनी थी, उन्होंने ही कानून का सबसे क्रूर उल्लंघन किया। यह न केवल हत्या, बल्कि मानवाधिकारों का घोर हनन है।”
👮 दोषियों को कड़ी सजा
फांसी की सजा पाने वालों में तत्कालीन इंस्पेक्टर एस. श्रीधर, सब-इंस्पेक्टर रघु गणेश, बालकृष्णन समेत कुल 9 पुलिसकर्मी शामिल हैं। एक आरोपी की सुनवाई के दौरान ही मृत्यु हो चुकी थी।
🔍 जांच में अहम सबूत
इस केस में सच्चाई सामने लाने में कई अहम पहलुओं ने भूमिका निभाई—
सीबीआई जांच ने पुलिस की फर्जी कहानी को बेनकाब किया
महिला कांस्टेबल की गवाही ने अत्याचार की पुष्टि की
फोरेंसिक सबूत (डीएनए मिलान) ने पुलिस के दावों को खारिज किया
💰 मुआवजा और न्याय
अदालत ने दोषियों पर ₹1.40 करोड़ का जुर्माना लगाते हुए पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आदेश दिया। पीड़िता सेल्वा रानी ने फैसले को न्याय की जीत बताते हुए कहा कि अब उनके पति और बेटे की आत्मा को शांति मिली है।
📌 न्यायपालिका का कड़ा संदेश
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला पुलिस हिरासत में होने वाले अत्याचारों के खिलाफ एक बड़ी नजीर बनेगा। हालांकि दोषी उच्च न्यायालय में अपील कर सकते हैं, लेकिन ट्रायल कोर्ट का यह निर्णय कानून के दायरे में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
👉 यह फैसला साफ करता है कि कानून के रखवालों को भी कानून के दायरे में रहना होगा—वरना सजा निश्चित है।

