“सीमित संसाधनों में बड़ा कमाल: गांव के सरकारी स्कूल ने रचा इतिहास, 100+ छात्रों का नवोदय में चयन,,
रायगढ़। यह कहावत एक बार फिर सच साबित हुई है कि यदि लगन सच्ची हो और इरादे मजबूत हों, तो सीमित संसाधनों में भी असंभव को संभव बनाया जा सकता है। रायगढ़ जिले के ग्राम भेंगारी स्थित एक सरकारी स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गया है।
इस सफलता के केंद्र में हैं समर्पित शिक्षक टिकेश्वर पटेल, जिन्हें “नवोदय गुरु” के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने अपने अथक प्रयास, नवाचार और अनुशासित शिक्षण पद्धति के माध्यम से न केवल स्कूल की तस्वीर बदली, बल्कि सैकड़ों ग्रामीण बच्चों के भविष्य को नई दिशा दी है।
पिछले वर्ष ही उनके मार्गदर्शन में 25 से 30 छात्रों का चयन नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, जवाहर उत्कर्ष और एकलव्य जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में हुआ। वहीं अब तक कुल 102 छात्रों का नवोदय विद्यालय में चयन हो चुका है, जिसके लिए उन्हें राज्य के सर्वोच्च शिक्षक सम्मान “राज्यपाल पुरस्कार” से सम्मानित किया गया है।
🌱 प्रतिभाओं की नर्सरी बना स्कूल
यह स्कूल अब प्रतिभाओं की नर्सरी के रूप में पहचान बना चुका है। टिकेश्वर पटेल जहां भी पदस्थ रहे, वहां उन्होंने नामांकन बढ़ाने और गुणवत्ता शिक्षा देने पर विशेष ध्यान दिया। उनके पूर्व स्कूल में छात्र संख्या 37 से बढ़कर 82 तक पहुंच गई, जो उनके प्रयासों का परिणाम है।
पिछले 16 वर्षों में उनके पढ़ाए 114 छात्रों का नवोदय विद्यालय, 21 का सैनिक स्कूल, 14 का जवाहर उत्कर्ष और 82 का एकलव्य विद्यालय में चयन हुआ है। स्कूल में हर महीने टेस्ट, अवकाश में अतिरिक्त कक्षाएं और अंग्रेजी व सामान्य ज्ञान पर विशेष फोकस किया जाता है।
📚 मुफ्त कोचिंग और नवाचार का संगम
शिक्षक पटेल द्वारा शाला समय के बाद भी निशुल्क कोचिंग दी जाती है, जिससे दूर-दराज के बच्चे भी लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने “मैथ्स ट्रिक्स” और आधुनिक शिक्षण तकनीकों को अपनाकर जटिल विषयों को आसान बना दिया है।
हाल ही में घरघोड़ा विकासखंड में पहली बार नवोदय विद्यालय के लिए “प्री मॉडल टेस्ट” का आयोजन कराया गया, जिसमें ओएमआर शीट के माध्यम से परीक्षा ली गई। इस पहल ने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयार किया।
🏆 एक ही स्कूल से कई चयन
इस वर्ष नवापारा टेंडा के जिगर राठिया, टंकित पटेल सहित कई छात्रों का नवोदय एवं सैनिक स्कूल में चयन हुआ है, जो इस स्कूल की निरंतर सफलता का प्रमाण है।
🗣️ क्या कहते हैं शिक्षक पटेल
इस उपलब्धि पर टिकेश्वर पटेल का कहना है कि कक्षा उनके लिए केवल पढ़ाने का स्थान नहीं, बल्कि नवाचार और विचारों के आदान-प्रदान का मंच है। वे इस सम्मान को अपने गुरुजनों, सहकर्मियों और विद्यार्थियों को समर्पित करते हैं।
उन्होंने कहा कि एक शिक्षक की असली पहचान तब होती है, जब वह अपने विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सके।
✨ प्रेरणा बना गांव का स्कूल
ग्राम भेंगारी का यह सरकारी स्कूल आज इस बात का जीवंत उदाहरण बन गया है कि यदि सही मार्गदर्शन, समर्पण और नवाचार हो, तो ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी बड़े सपने साकार कर सकते हैं। यह स्कूल न केवल रायगढ़, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रेरणास्रोत बन चुका है।

