आस्था,अनुशासन और भाईचारे का अद्भुत संगम: लभनीपारा में कलश यात्रा के साथ रामायण महोत्सव का भव्य शुभारंभ
लैलूंगा/कोडासिंया।
ग्राम पंचायत कोडासिंया के आश्रित ग्राम लभनीपारा में आज से पांच दिवसीय ‘रामायण महोत्सव 2026’ का श्रद्धा और भक्ति के साथ शुभारंभ हुआ। शुक्रवार सुबह भव्य कलश यात्रा के साथ इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत की गई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर पूरे गांव का भ्रमण किया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
यह रामायण महोत्सव आगामी 27 जनवरी तक लगातार चलेगा।
10 वर्षों की परंपरा, सामूहिक सहभागिता की मिसाल
लगातार नौ वर्षों की सफल परंपरा के बाद यह आयोजन अपने 10वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस महोत्सव की खासियत यह है कि इसमें केवल लभनीपारा ही नहीं, बल्कि फरसाकानी, मुड़ागांव, सुकवास और तारागढ़ के ग्रामीण भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
ग्रामीण अपने सामर्थ्य के अनुसार चावल और धन का दान कर इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में सहयोग कर रहे हैं, जो सामूहिक एकता और सामाजिक समरसता का सुंदर उदाहरण है।
नशामुक्त और सात्विक वातावरण की अनूठी पहल
रामायण महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पवित्र और अनुशासित परंपरा है। आयोजन के दौरान पूरे पांच दिनों तक क्षेत्र में शराब और मांसाहारी भोजन पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। ग्रामीणों के अनुसार, इन दिनों गांव में किसी प्रकार का विवाद नहीं होता और हर ओर केवल भाईचारा, शांति और भक्ति का माहौल बना रहता है।
हर वर्ग की सहभागिता
इस आयोजन में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग—सभी समान उत्साह के साथ शामिल हो रहे हैं। पूरा गांव मानो भक्ति के सागर में डूबा हुआ है और रामायण पाठ के माध्यम से धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों को आत्मसात कर रहा है।
यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि नशामुक्त समाज, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का भी प्रेरणास्रोत बन रहा है।

