स्कूलों में आवारा जानवरों की घुसपैठ पर सख्ती: डीईओ का निर्देश, संस्था प्रमुख होंगे जिम्मेदार
बिलासपुर, 8 दिसंबर 2025।
जिले के सरकारी और अनुदान प्राप्त सभी प्राथमिक, पूर्व–माध्यमिक, हाई तथा हायर सेकेंडरी विद्यालयों को अब अपने परिसर को पूरी तरह सुरक्षित रखना होगा। स्कूलों में आवारा पशुओं के प्रवेश को रोकने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने नया आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई सुओ मोटो रिट पिटिशन (सिविल) नंबर 05/2025 के अनुपालन में की गई है, जिसमें स्कूल परिसरों की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं।
जारी आदेश में कहा गया है कि कई शालाओं में आवारा मवेशियों, कुत्तों और अन्य जीव-जंतुओं के स्वतंत्र रूप से घूमने की शिकायतें सामने आई थीं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे थे। ऐसे मामलों पर रोक लगाने और परिसर को पूरी तरह सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी अब सीधे संस्था प्रमुखों पर होगी।
सांप–बिच्छू जैसे जहरीले जीवों पर भी सतर्कता
निर्देश में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि विद्यालयों में न सिर्फ आवारा मवेशियों का प्रवेश रोका जाए बल्कि ऐसे जीव-जंतु—जैसे सांप और बिच्छू—जो बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं, उनके विचरण को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएं।
सभी विकासखण्डों को कड़ी निगरानी के निर्देश
जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर ने सभी कार्यशालाओं, प्रधान पाठकों और संस्था प्रमुखों को आदेश तत्काल प्रभाव से लागू करने, नियमित निगरानी रखने तथा परिसर में सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा है।
जारी प्रतिलिपि कलेक्टर बिलासपुर, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग और सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि निर्देशों के पालन की मॉनिटरिंग की जा सके।
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

