“छत्तीसगढ़ में पहली बार युक्ति करण नीति भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रेस रिपोर्टर क्लब की मौन विरोध रैली”
छत्तीसगढ़ में सरकारी युक्ति करण नीति में फैलते व्यापक भ्रष्टाचार के खिलाफ पहली बार प्रेस जगत ने एकजुट होकर खुला मोर्चा खोल दिया है। ट्रांसफर–पोस्टिंग में जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रेस रिपोर्टर क्लब, बालोद इकाई के नेतृत्व में आज अभूतपूर्व मौन विरोध रैली निकाली गई। यह प्रदर्शन न सिर्फ पत्रकार हितों के लिए बल्कि आम जनता और कर्मचारियों के पक्ष में भी बड़ी और ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
ज्ञात हो कि वर्तमान समय में ट्रांसफर होना, उसे रुकवाना या पसंदीदा स्थान पर स्थानांतरण करवाना एक बड़े भ्रष्टाचार के सिस्टम का रूप ले चुका है। इससे आम कर्मचारी लगातार मानसिक और आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं। शासन–प्रशासन के इस विकृत तंत्र ने कर्मचारियों के कार्यस्थल की स्थिरता, पारदर्शिता और सेवा गुणवत्ता—सबको प्रभावित किया है। इसी व्यवस्था को चुनौती देने के लिए आज पत्रकारों ने लोकतांत्रिक लेकिन प्रभावी तरीके से मौन रखकर विरोध जताया।
प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश संरक्षक श्याम गुप्ता ने कहा कि यह आंदोलन जनता की आवाज है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्लब के प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी के नेतृत्व में प्रेस रिपोर्टर क्लब केवल पत्रकारों के हित के लिए नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की जनता के अधिकारों और न्याय के लिए हमेशा खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का चौथा स्तंभ तभी मजबूत होगा जब भ्रष्टाचार के खिलाफ बिना डर आवाज उठाई जाएगी।
मौन रैली में बड़ी संख्या में मीडिया बंधुओं की उपस्थिति ने संदेश दिया कि ट्रांसफर नीति में व्याप्त भ्रष्टाचार अब किसी भी हालत में स्वीकार नहीं। यह आंदोलन आगे शासन–प्रशासन को पारदर्शी नीति बनाने के लिए मजबूर करेगा, ताकि आम कर्मचारी और जनता न्याय पा सकें जिला प्रेस रिपोर्टर क्लब रायगढ़ के जिला अध्यक्ष हिमांशु चौहान, जिला कार्यकारी अध्यक्ष नीलांबर पटेल,उपाध्यक्ष प्रकाश दास, केशव दास, परमजीत सिंह भाटिया, पिंगल बघेल, सचिव अमरजीत चौहान, सहसाचिव पूजा जायसवाल, धर्मेंद्र बानी, कोषाध्यक्ष मनोज मेहर जिला कार्यकारिणी प्रमुख सदस्य सुरेश पटेल सहित सभी पत्रकार बंधुओ ने बालोद इकाई के जनहित कर्मचारी हित मौन विरोध के स्वागत किया है जिससे शासन प्रशासन सही निर्णय लेते हुए भरस्टाचार को रोकने में सफल हो सके l

