स्कूल परिसरों में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, लोक शिक्षा संचालनालय ने जारी किए निर्देश
जिला शिक्षा अधिकारियों और सभी स्कूलों को त्वरित कार्रवाई के आदेश
रायपुर, 20 नवंबर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा Suo Moto Writ Petition (Civil) No. 05/2025 में दिए गए निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ लोक शिक्षा संचालनालय ने राज्य के सभी स्कूलों में आवारा कुत्तों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत जिला शिक्षा अधिकारियों, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग तथा सभी स्कूल प्रमुखों को तीन बिंदुओं पर तत्काल अमल करने का आदेश दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद जारी हुआ आदेश
पशुधन विकास विभाग से प्राप्त पत्र (क्रमांक E-166671 एवं LAW-42/1802/2025/1724 दिनांक 13.11.2025) के संदर्भ में लोक शिक्षा संचालनालय ने स्पष्ट कहा है कि स्कूल परिसरों में घूम रहे आवारा कुत्ते बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं, इसलिए तत्काल रोकथाम जरूरी है।
मुख्य निर्देश (स्कूलों को अनिवार्य रूप से पालन करना होगा)
1.हर स्कूल में नोडल अधिकारी की नियुक्ति
प्रत्येक शाला/संस्था प्रमुख एक ऐसे नोडल प्रभारी की नियुक्ति करें,
जो स्कूल परिसर के आसपास घूम रहे आवारा कुत्तों की सूचना ग्राम पंचायत / नगर पंचायत / नगर निगम के नोडल अधिकारी को देगा।
2.कुत्तों के स्कूल में प्रवेश रोकने आवश्यक उपाय
नोडल प्रभारी ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत/नगर निगम के सहयोग से
स्कूल में आवारा कुत्तों के प्रवेश पर रोक लगाने हेतु आवश्यक कदम उठाएंगे।
3.बच्चों के काटे जाने की स्थिति में तत्काल चिकित्सा
यदि किसी बच्चे को आवारा कुत्ता काट लेता है,तो संबंधित बच्चे को तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में उपचार हेतु ले जाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश
निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि सभी डीईओ यह सुनिश्चित करें कि स्कूल स्तर पर कार्रवाई तत्परता से लागू हो। रिपोर्टिंग और समन्वय में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जहाँ सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय रायपुर और सचिव, पशुधन विकास विभाग, मंत्रालय नया रायपुर को आदेश की प्रति भेजी गई है वहीं दोनों विभागों को भी इस संवेदनशील मुद्दे पर समन्वय स्थापित करने हेतु निर्देशित भी किया गया है।

