रायगढ़,घरघोड़ा मार्ग रोज दिन लंबा लगने वाला जाम,यात्री तंग और परेशान
रायगढ़। रायगढ़-घरघोड़ा मुख्य सड़क अब लोगों के लिए यात्रा का रास्ता नहीं, बल्कि परेशानी का पर्याय बन चुकी है। पूंजीपथरा के पास हर दिन लगने वाला लंबा जाम अब आम बात हो गई है। ट्रकों और ट्रेलरों की अंतहीन कतारों के बीच फंसी कारें, बाइकें और एम्बुलेंस — यह दृश्य अब स्थानीय लोगों के लिए नया नहीं रहा। सड़क पर रेंगती गाड़ियां, धूल और हॉर्न के शोर में परेशान जनता — यही है पूंजीपथरा क्षेत्र की रोजमर्रा की तस्वीर।
ट्रकों के दबाव में आम यात्री
रायगढ़ औद्योगिक और खनन (माइंस) क्षेत्र होने के कारण इस मार्ग पर भारी वाहनों का अत्यधिक दबाव बना रहता है। रायगढ़ से होकर गुजरने वाले ट्रक और ट्रेलर पूरे दिन और रात सड़क पर दौड़ते रहते हैं। नतीजा यह कि आम नागरिकों की गाड़ियां रेंगने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर ट्रकों की संख्या मोटरसाइकिलों से भी ज्यादा दिखाई देती है। इस अनियंत्रित यातायात व्यवस्था ने पूरे इलाके का हाल बेहाल कर दिया है।
जाम से बचने लोग बदल रहे हैं रास्ता
लगातार जाम से त्रस्त होकर अब घरघोड़ा, लैलूंगा और धरमजयगढ़ क्षेत्र के लोग रायगढ़ जाने के लिए वैकल्पिक रास्ता अपनाने लगे हैं। अधिकांश यात्री अब तमनार-कसडोल मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि, यह रास्ता लंबा है, लेकिन कम से कम वहां जाम का डर नहीं है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस स्थिति से आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है — सामान की ढुलाई में देरी और ईंधन की बर्बादी रोज़ की बात है।
दुर्घटनाएं और वीआईपी आवागमन से बढ़ती समस्या
भारी वाहनों की भीड़ के कारण दुर्घटनाओं का खतरा हर समय बना रहता है। कई बार दुर्घटना के बाद सड़क घंटों तक बंद रहती है, जिससे पूरा ट्रैफिक ठप पड़ जाता है।
इसके साथ ही, वीआईपी आवागमन और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी स्थिति को और भी बिगाड़ देती है। चालक नियमों का पालन करने से कतराते हैं और पुलिस प्रशासन की निगरानी भी सीमित दिखती है।
एम्बुलेंस और पुलिस वाहन भी फंसते हैं जाम में
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस लंबे जाम में कई बार एम्बुलेंस, पुलिस वाहन और सरकारी अधिकारियों की गाड़ियां भी फंस जाती हैं। कसडोल-उर्दना मार्ग अब एम्बुलेंस का वैकल्पिक रूट बन गया है, क्योंकि पूंजीपथरा मार्ग पर निकलना कभी-कभी घंटों की परीक्षा बन जाता है।
जनता परेशान, प्रशासन बेपरवाह
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। न सड़क चौड़ी हो रही है, न ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था मजबूत हो पा रही है।
लोगों का सवाल है — “क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रहा है?”
सुधार की ज़रूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि रायगढ़-घरघोड़ा मार्ग पर ट्रकों के लिए अलग लेन, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और पुलिस गश्त की सख्ती जरूरी है। इसके बिना यह सड़क आने वाले दिनों में और बड़ी समस्या बन सकती है।
पूंजीपथरा क्षेत्र में जाम अब सिर्फ ट्रैफिक की समस्या नहीं, बल्कि जनता के धैर्य और प्रशासन की निष्क्रियता की परीक्षा बन गया है। अगर शीघ्र समाधान नहीं निकला, तो यह मार्ग “औद्योगिक विकास की धड़कन” नहीं, बल्कि “जनजीवन की रुकावट” कहलाने लगेगा।

